सुमित अंतिल का जीवन परिचय | Sumit Antil biography in Hindi

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Sumit Antil biography in hindi : जब दिल में कुछ कर गुजरने की तमन्ना होती है तो कोई भी बाधा आपको हरा नहीं सकती। यह कथन सुमित अंतिल ( Sumit Antil ) के लिए सटीक बैठती है। सुमित अंतिल एक पैरा एथलेटिक्स जैवलिन थ्रो खिलाड़ी है। सुमित अंतिल का जन्म 6 जुलाई 1998 को हुआ था। वर्ष 2015 में सुमित अंतिल ने मोटर साइकिल दुर्घटना दौरान अपने बाएं पैर का निचला हिस्सा खो दिया।

Sumit Antil क्यों है चर्चा में

सुमित अंतिल ने वर्ष 2021 के पैरा ओलंपिक में F 64 स्पर्धा में 68.55 मीटर का भाला फेंक कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। F 16 कैटेगरी वह कैटेगरी होता है जो एक पैर से दिव्यांग होते हैं। जो खड़े होने के लिए किसी विशेष यंत्र का प्रयोग करते हैं। सुमित शुरुआत में एक रेसलर थे लेकिन 2015 की दुर्घटना के बाद उन्हें रेसलिंग छोड़नी पड़ी।

भले ही उन्होंने रेसलिंग को अलविदा कह दिया लेकिन वे खेल के रास्ते में हमेशा चलता रहा। वह टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। इससे पहले नीरज चोपड़ा ने 87.58 मीटर का भाला फेंक कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।

अपने पांचवें अटेम्प में उन्होंने 68.55 मीटर भाला फेंक कर एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। नीरज ने अपने पिछले वर्ल्ड रिकॉर्ड 62.88 मीटर को तोड़कर 68.55 मीटर का एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया। नीरज की सफलता के लिए भारत सरकार ने उन्हें ट्वीट कर बधाई दी।

Sumit Antil biography एक नजर में-

नाम सुमित अंतिल
जन्मतिथि 6 जुलाई 1998
उम्र23 वर्ष
जन्म स्थानसोनीपत, हरियाणा
राष्ट्रीयता भारतीय
धर्म हिंदू
प्रोफेशनभारतीय एथलीट ( जैवलिन थ्रो )
राशि कुंभ राशि
ऊंचाई5 फीट 9 इंच
व जैन69 किलोग्राम
शिक्षा स्नातक ( B.com )
आंखों का रंग काला
बालों का रंग काला
वैवाहिक स्थिति अविवाहित
गर्लफ्रेंड उपलब्ध नहीं है।
पिता का नामउपलब्ध नहीं है।
माता का नामउपलब्ध नहीं है।
वेतन₹45000 प्रति माह
कुल संपत्तिउपलब्ध नहीं है।

सुमित अंतिल का प्रारंभिक जीवन ( Sumit Antil Early life )

23 साल के सुमित अंतिल सोनीपत हरियाणा के रहने वाले हैं। वे एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वर्ष 2015 में वे एक मोटरसाइकिल दुर्घटना का शिकार हो गए जिसके कारण उनके बाएं पैर का निचला हिस्सा हमेशा के लिए खराब हो गया। सुमित को गोस्पोर्ट्स फाउंडेशन के द्वारा सहायता प्राप्त है। उ नमकी मुलाकात राजकुमार नाम के पैरा एथलेटिक के साथ हुआ जब वे दिल्ली से बीकॉम की पढ़ाई कर रहे थे। उन्हीं से उनको पैरा एथलेटिक्स में आने की प्रेरणा मिली।

2017 में उन्होंने नितिन जयसवाल के की देखरेख में दिल्ली में ट्रेनिंग स्टार्ट किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंच पर कई बार देश के लिए अच्छा प्रदर्शन किया। सुमित ने बहुत पहले ही यह साबित कर दिया था कि उनके पास भाला फेंक में सबसे अच्छा करने की काफी क्षमता और कौशल है। उनकी मेहनत, कठिन परिश्रम और क्षमता को देखते हुए गोस्पोर्ट्स फाउंडेशन ( Gosports Foundation ) ने उन्हें पैरा चैंपियंस प्रोग्राम के लिए 2019 में शामिल कर लिया।

सुमित अंतिल की शिक्षा [ Sumit Antil Education]

सुमित अंतिल की प्रारंभिक शिक्षा सोनीपत से हुई। उच्च शिक्षा के लिए वे दिल्ली आ गए। वहां से उन्होंने अपने बीकॉम की डिग्री प्राप्त की। सुमित बचपन से ही मेघावी रहा है। गांव के पहलवानी में उन्होंने कई पुरस्कार जीते।

सुमित अंतिल का करियर [ Sumit Antil Career ]

वर्ष 2019 में, इटली में वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स में उन्होंने इतिहास रच दिया। जब उन्होंने संयुक्त इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने के लिए F64 श्रेणी में विश्व रिकॉर्ड तोड़कर एक नया इतिहास बनाया।

उनके करियर में नया उफान तब आया जब उन्होंने विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप दुबई में वर्ष 2019 में रजत रजत पदक जीता और यहां उन्होंने F64 श्रेणी में अपना ही विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया। 30 अगस्त 2021 को सुमित ने F64 कैटेगरी में 68.55 मीटर का भाला फेंक कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। साथ ही उन्होंने विश्व रिकॉर्ड भी बनाया।

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं लेकिन विश्व रिकॉर्ड तोड़ कर खुश हूं।

Gold medlist sumit antil : स्वर्ण पदक जीतने के बाद सुमित अंतिल बोले यह मेरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं लेकिन विश्व रिकॉर्ड तोड़कर खुश हूं। पांच बार भाला फेंक प्रतिस्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड तोड़ने वाले सुमित अंतिल ने कहा की यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं था। वे इससे बेहतर करना चाहते थे।

एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा यह मेरा पहला पैरा ओलंपिक था और मुकाबला कड़ी होने के कारण मैं नर्वस भी था। वे अपने ही 70 मीटर ( Sumit Antil Best Throw ) के रिकॉर्ड को तोड़ना चाहते थे। उन्होंने कहा कि मैं 75 मीटर तक फेंक सकता था। यह मेरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं था लेकिन विश्व रिकॉर्ड तोड़ कर खुश हूं।

निष्कर्ष

सुमित अंतिल से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं। जिंदगी से कभी हार नहीं मानना चाहिए यह उन्होंने पूरी दुनिया को बता दिया। कठिन परिस्थिति में भी देश के लिए उन्होंने जो किया यह हमारे लिए गर्व की बात है।

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