Vastu Tips Hindi : घर बनाने से पहले ये सब भूलेगा तो, किस्मत का ताला कभी नहीं खुलेगा

Vastu Tips Hindi : मेहनत करने के बाद भी लोगों को जब अनुकूल लाभ नहीं मिल पाता है तो लोगों के दिल में कई तरह की बातें सामने आने लगती है। उनके मन में कई नकारात्मक ख्याल भी आने लगते हैं। अच्छी खासी मेहनत करने के बाद भी जब उसे पैसे की तंगी हमेशा सताती है तो इसका मतलब यह है कि उन्होंने घर बनाते वक्त वास्तु तथा दिशाओं का अध्ययन करके नहीं बनाया है। वास्तु दोष के कारण लोग अर्श से फर्श पर आ जाते हैं।

वास्तु विज्ञान का संबंध भवन निर्माण से है। इसका ध्यान ना रखने से घर में वास्तु दोष उत्पन्न होता है और लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस आर्टिकल में आइए हम जानते हैं कि घर बनाते वक्त हमें किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। अगर आपने पहले ही घर बनाया है जिसमें आपने वास्तु का ध्यान नहीं रखा तो उसके निवारण (Vastu Tips Hindi) के बारे में भी इस आर्टिकल में जानेंगे।

Table of Contents

घर का मुंह किधर होना चाहिए?

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य द्वार (मुंह) हमेशा उत्तर, पूर्व, उत्तर-पूर्व या पश्चिम की ओर होना चाहिए। यह दिशाएं शुभ मानी जाती है। दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम या दक्षिण-पूर्व में घर का मुख्य द्वार बिल्कुल नहीं होना चाहिए। यह शास्त्र के अनुरूप नहीं है।

घर में क्या रखना चाहिए?

घर में सुख शांति के लिए लोग कई तरह के कार्य करते हैं। लेकिन अगर वास्तु (Vastu Tips in Hindi) के अनुसार कोई कार्य न किया गया हो तो वही घर की बरकत में बाधा पहुंचाता है। घर में सुख शांति बनाए रखने के लिए तथा सकारात्मक ऊर्जा के संचार के लिए इन चीजों को घर में हमेशा रखें-

तोता : तोते को ब्राह्मण की संज्ञा दी गई है। जिस घर में ब्राह्मण विराजमान होते हैं उस घर में हमेशा सुख शांति बनी रहती है। उसकी तस्वीर लगाने से एकाग्रता का विकास होता है साथी वैवाहिक जीवन भी खुशहाल होता है। तोते को कई रूपों में जाना जाता है। वह अग्नि जल लकड़ी पृथ्वी और धातु का भी प्रतीक माना जाता है।

कछुआ : कछुआ को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। जिस घर में कछुआ होता है वहां माता लक्ष्मी का वास होता है। इसे घर के पूर्व और उत्तर दिशा में रखना चाहिए।

हंस : घर में सुख शांति बनी रहे इसीलिए शास्त्र के अनुसार घर में हंस का जोड़ा रखना चाहिए। इससे आर्थिक लाभ होने के साथ-साथ वैवाहिक जीवन भी खुशियों से भरा रहता है।

मछली : घर में चांदी की मछली रखना शुभ माना जाता है। इससे धन संपत्ति में वृद्धि होती है। पीतल या चांदी की मछली को उत्तर-पूर्व अथवा पूर्व दिशा में रखने से घर के आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

घर के वास्तु दोष कैसे दूर करें?

कई बार लोग कड़ी मेहनत करने के बाद भी सफल नहीं हो पाते हैं। यदि घर में वास्तु दोष है तो लोगों के बने बनाए सारे काम बिगड़ जाते हैं। ऐसे में घर के वास्तु दोष को दूर करने के लिए निम्नलिखित उपाय करें-

घर के कोने में रखें कपूर की टिकिया

Kapoor को सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है। घर के कमरों के कोनों में कपूर की टिकिया रखने से घर के लोगों पर वास्तु दोष का प्रभाव नहीं पड़ता।

घी में डुबोकर जलाएं

कपूर को गाय के घी में डूबा कर जलाएं तथा सभी कमरों में आरती की तरह दिखाएं। इससे घर में Positive Energy का संचार होता है। इसके अलावा घर में अनबन और झगड़े नहीं होते। हंसी खुशी सुख शांति बना रहता है।

रात को सोते समय लौंग और कपूर जलाएं

रात में जब आप सोने जा रहे हैं उससे पहले लोंग और कपूर को दीपदान में जलाने से घर परिवार में बरकत होती है। ऐसा करने से भंडार कभी खाली नहीं होंगे।

नहाते समय कपूर के तेल कि कुछ बोलने पानी में डालें

कपूर की कुछ बूंदों को पानी में डालकर नहाने से शरीर और मन हल्का होता है। इससे सारे नेगेटिव ऊर्जा खत्म होती है तथा शरीर के अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

अग्नि कोण में कपूर जलाएं

घर के दक्षिण पूर्व दिशा में प्रतिदिन शाम को कपूर जलाने से धन की वृद्धि होती है। घर का अग्नि कोण धन-संपत्ति से भरा होता है। इस कोने में प्रतिदिन कपूर जलाकर पूजा करने से घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

किस दिशा में क्या होना चाहिए?

आप पढ़ रहे हैं Vastu Tips Hindi में : कभी-कभी घर की बनावट आपके वास्तु को बिगाड़ सकता है। इसीलिए किस दिशा में आपको क्या रखना चाहिए यह आप जान लीजिए-

पूर्व दिशा– सूर्य को ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत माना जाता है। सूर्य की किरणें हमें सकारात्मक ऊर्जा देती है। अगर घर का मुख्य द्वार पूर्व दिशा की ओर हो तो यह वास्तु के अनुसार शुभ माना जाता है। पूर्व दिशा की और खिड़की भी रख सकते हैं।

पश्चिम दिशा – शौचालय का मुख्य दरवाजा पश्चिम की ओर होना चाहिए। रसोई को शौचालय के साथ सटाकर ना बनाएं इससे वास्तु के अनुसार नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

उत्तर दिशा : उत्तर दिशा में घर का मुख्य द्वार होना शुभ माना जाता है। खिड़की और दरवाजे भी इस दिशा में अधिक से अधिक रखनी चाहिए। हाथ मुंह धोने के लिए वाशबेसिन तथा बालकनी भी इस दिशा में होना वास्तु शास्त्र के अनुसार शुभ माना जाता है।

दक्षिण दिशा : शौचालय का पेन हमेशा उत्तर दक्षिण दिशा में बैठा होना चाहिए। जब भी आप शौचालय जाएं हमेशा आपका मुंह उत्तर की ओर होना चाहिए। इस दिशा में भारी समान रखना चाहिए। खिड़की और दरवाजे इस दिशा में नहीं रखना चाहिए क्योंकि इस दिशा से नकारात्मक ऊर्जा आती है। साथ ही ऑक्सीजन का लेवल भी कम हो जाता है जिससे घर में हमेशा तनाव की स्थिति बनी रहती है।

दक्षिण-पश्चिम दिशा : इस दिशा को हमेशा के लिए बंद रखें या तो दीवाल से बंद रखें या कोई सेड लगा दे। इस दिशा में घर के मुखिया अपना कमरा बना सकते हैं। पैसे का काउंटर तथा स्टोर रूम यहां पर बना सकते हैं।

दक्षिण-पूर्व दिशा : वास्तु के अनुसार इस दिशा को घर का आग्नेय कोण कहा जाता है। यह दिशा अग्नि की है। इस दिशा में किचन गैस रखने की जगह इत्यादि होना चाहिए।

उत्तर-पूर्व दिशा : यह दिशा जल का दिशा है। जल के लिए बोरिंग अथवा चापानल इस दिशा में देने से अधिक पानी निकलती है। यह दिशा पूजा स्थल के लिए भी शुभ माना जाता है। घर का मुख्य द्वार इस दिशा में होना शांति का प्रतीक माना जाता है। इससे घर में कलेश नहीं रहेगा।

उत्तर-पश्चिम दिशा : यदि का सुख समृद्धि से भरा होता है। यहां बेडरूम गैरेज गौशाला दुकान इत्यादि होना चाहिए। यह दिशा वायु की होती है।

घर का आंगन : घर के आंगन में लोगों का बचपन बीतता है। अगर घर में आंगन ना हो तो पूरा घर अधूरा सा लगता है। इसीलिए घर के आगे आंगन जरूर बनवाएं। यहां सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाले फल फूल के पौधे लगाएं जैसे- तुलसी, गुलाब, अनार, नीम इत्यादि।

कौन सी दिशा का घर शुभ होता है?

वास्तु (Vastu tips hindi) के अनुसार उत्तर दिशा के घर में भगवान कुबेर विराजमान होते हैं। इसीलिए इस दिशा में पैसे को संजो कर रखने वाली चीजें जैसे अलमारी अथवा तिजोरी रखना शुभ माना जाता है। इस स्थान पर इसके अलावा कोई भी दूसरी चीजें ना रखें। इस दिशा का घर सुख शांति और समृद्धि से भरा होता है।

शौच करते समय मुंह किधर होना चाहिए?

शौचालय नकारात्मक ऊर्जा उत्सर्जित करते हैं। अगर घर का टॉयलेट सही दिशा में नहीं बना हो तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। टॉयलेट का सीट हमेशा उत्तर दक्षिण दिशा में होना चाहिए। शौच करते समय मुंह हमेशा उत्तर की ओर होना चाहिए तथा सोच का दरवाजा पूरी तरह से बंद होना चाहिए।

शौचालय का दरवाजा किधर होना चाहिए?

हमारे यहां पर तीन प्रकार के शौचालय बनाए जाते हैं। पहला घर के अंदर जिसे संयुक्त शौचालय कहते हैं। दूसरा डाइनिंग हॉल में तथा तीसरा घर से थोड़ी बाहर। शौचालय का दरवाजा हमेशा पश्चिम अथवा उत्तर अथवा पूर्व की ओर खुलना चाहिए। घर से थोड़ी दूर बनने वाले शौचालय वास्तु की दृष्टि से सबसे अच्छा होता है।

वास्तु के हिसाब से बेडरूम में कौन सा कलर होना चाहिए?

लोग लाखों खर्च करते हैं घर बनाने में लेकिन अगर उसमें रंगो का ठीक से चुनाव ना किया गया हो तो इससे इसका असर व्यक्ति के जीवन पर भी पडता है। बेडरूम में गुलाबी, हल्का पीला अथवा हल्का नीला रंग करवाना चाहिए। इससे रिश्तो में खुशहाली और मधुरता बनी रहती है।

घर के सीढ़ियों के नीचे क्या रखना चाहिए?

घर की सीढ़ियों के नीचे वैसे चीजे रखें जो अनावश्यक हो अथवा जिनकी हमें जरूरत कम हो। यहां आप जूते चप्पल रखने के लिए लकड़ी अथवा स्टील का स्टैंड रख सकते हैं। इसके अलावा आप यहां पुराना अखबार एक जगह समेट कर रख सकते हैं। आप यहां इनवर्टर की बैटरी तथा पुराने पड़े सामान भी रख सकते हैं। सीढ़ियों के नीचे साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। टूटे-फूटे और पुराने चीजों में दरिद्रता आती है। जितना जल्दी हो सके ऐसी चीजें घर से बाहर फेंक दे।

वास्तु शास्त्र के अनुसार सीढ़ी किधर होना चाहिए?

वास्तु शास्त्र में हर छोटी से छोटी चीजों पर ध्यान दिया गया है। इन नियमों का पालन कर आप अपने जीवन में समृद्धि और खुशहाली ला सकते हैं। वास्तुशास्त्र के नियम के अनुसार घर की सीढ़ी हमेशा पूरब से पश्चिम अथवा उत्तर से दक्षिण दिशा में ही होनी चाहिए। अगर आप पूर्व दिशा की ओर से सीढ़ी बनवा रहे हैं तो ध्यान रहे सीढ़ी का कोई भी हिस्सा पूरब दिशा की दीवार से लगी हुई ना हो। हालांकि सीढ़ी के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा उत्तम होती है।

जीने (सीढ़ी) के नीचे क्या नहीं होना चाहिए?

कहा गया है की सीढ़ियां सफलता का रास्ता खोलती है। खुली सीढ़ियां वास्तु के अनुसार अनुकूल नहीं होती है। सीढ़ियों के नीचे ज्वलनशील पदार्थ जैसे- जनरेटर, आटा चक्की, वाटर कूलर, एसी, मोटर, मिक्सी इत्यादि नहीं होना चाहिए।

वास्तु के अनुसार सीढ़ियां कितनी होनी चाहिए?

वास्तु के अनुसार घर की सीढ़ियां हमेशा विषम संख्या में होनी चाहिए जैसे 5, 7, 11, 15, 17, 19 या फिर 21. विषम संख्या में बनने वाली सीढ़ियां घर में सुख शांति और खुशियां लेकर आती है। यह घर में आर्थिक तंगी को दूर करती है। हालांकि 17 सीढ़ियों को शुभ माना जाता है।

किचन में सिंक कहां होना चाहिए?

धन संपत्ति का रास्ता रसोई घर से खुलती है। अगर आपने अपनी रसोई घर को वास्तु के अनुसार डिजाइन नहीं किया है तो इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे। किचन में लगने वाले स्लैब को उत्तर अथवा पूर्व दिशा में लगाना चाहिए। भोजन बनाते वक्त आपका मुंह उत्तर या पूर्व की ओर होना चाहिए। इससे धन संपत्ति में बरकत होती है। किचन का सिंक हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा में होनी चाहिए।

किचन का वास्तु दोष कैसे दूर करें?

अगर आपने अपना किचन वास्तु के अनुसार नहीं बनवाया है तो कुछ उपाय करके इस दोष को दूर किया जा सकता है।

  • अगर किचन सही दिशा में नहीं है तो इसे बिना तोड़फोड़ किए वास्तु के अनुसार व्यवस्थित कर इसके अनुरूप बनाया जा सकता है।
  • रसोई घर के अंदर सीधा पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। खाना बनाते वक्त गृहणी का मुंह हमेशा उत्तर अथवा पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। इससे बना भोजन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।
  • रसोई की सिंक को उत्तर पूर्व दिशा की ओर ही रखें तथा नल को ईशान कोण में रखें।
  • यदि आपकी किचन वास्तु के अनुसार नहीं बनी है तो इस वास्तु दोष को दूर करने के लिए घर के दक्षिण पूर्व दिशा में एक लाल रंग का बल्ब लगा दे और इसको हमेशा जलते रहने दे।

पूजा घर कहां नहीं होना चाहिए?

  • घर की सीढ़ियों के नीचे पूजा घर अथवा मंदिर नहीं होना चाहिए। यह वास्तु सम्मत नहीं है।
  • पूजा घर, शौचालय के आसपास, दीवाल से सटा हुआ अथवा ऊपर या नीचे नहीं होना चाहिए। इससे यस घटती है।
  • मंदिर अथवा पूजा के लिए स्थान कभी भी बेडरूम में न बनाएं। इससे ईश्वर अपमानित होते हैं।
  • पूजा घर अथवा मंदिर बेसमेंट में ना बनवाएं। ऐसा करने से घर में कलह और क्लेश बना रहेगा।
  • अगर आपने लकड़ी का मंदिर बनाया है तो इसे दीवाल पर सटाकर ना रखें।
  • इन बातों का ध्यान रखकर आप वास्तु दोष को पूरी तरह से खत्म कर सकते हैं।

पूजा घर का दरवाजा किधर होना चाहिए?

पूजा घर का दरवाजा हमेशा उत्तर अथवा पूर्व की ओर होना चाहिए। पूजा घर में दरवाजा किसी धातु का बनवाएं। पूजा घर में धातु की मूर्तियां देवताओं का रखें।

दक्षिण दिशा में चूल्हा रखने से क्या होता है?

सकारात्मक भोजन आपके दिल दिमाग और मस्तिष्क में सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। इसीलिए वास्तु विज्ञान में चूल्हा रखने का भी एक स्थान होता है। दक्षिण दक्षिण पूर्व दिशा में चूल्हा रखने से ग्रहणी का मुख हमेशा सकारात्मक ऊर्जा ओं की दिशा में रहता है। खाना बनाते समय सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे खाना बेहतर तो बनता ही है साथ ही अच्छा और शुभ भी होता है।

भगवान का मुंह किधर रखना चाहिए?

घर बनाते वक्त वास्तु की अनदेखी बिल्कुल नहीं करनी चाहिए इससे लोगों की समस्याएं बढ़ जाती है। पूजा घर में मंदिर हमेशा ईशान कोण में ही स्थापित करना चाहिए। पूजा करते समय आपका मुख पूर्व की ओर होना चाहिए। अतः आप भगवान का मुंह पश्चिम अथवा पूर्व की ओर रखें।

रसोई का दरवाजा किधर होना चाहिए?

वास्तु शास्त्र (Vastu Tips hindi) के अनुसार रसोई का दरवाजा पश्चिम अथवा उत्तर की ओर खुलना चाहिए। इससे घर में बरकत होती है। पूर्व की ओर मुख करके भोजन बनाने से सकारात्मक ऊर्जा भोजन में परस्पर रूप से समाहित हो जाती है। इससे शरीर और मन स्वस्थ रहता है।

लेट्रिन बाथरूम कौन सी दिशा में होनी चाहिए?

लेट्रिन बाथरूम हमेशा उत्तर पश्चिम दिशा में होना चाहिए। सूर्य की डूबने वाली किरणें जब यहां पड़ती है तो यह गीले बाथरूम को सुखाने में मदद करती है। यह वास्तु के अनुसार भी उपयुक्त है।

तिजोरी का मुंह किधर रखना चाहिए?

तिजोरी का पीछे का हिस्सा हमेशा दक्षिण की तरफ तथा दरवाजा उत्तर की तरफ खुलना चाहिए। वास्तु (Vastu Tips Hindi) के अनुसार तिजोरी हमेशा दक्षिण की दीवार से 1 इंच आगे होना चाहिए। तिजोरी रखे जाने वाले कमरे में एक ही दरवाजा होना चाहिए।

हनुमान जी का मुख किधर होना चाहिए?

Hanuman का मुख हमेशा दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए क्योंकि उन्होंने सबसे ज्यादा पराक्रम दक्षिण दिशा में ही दिखाया है। यह चित्र लाल मुद्रा में बैठा होना चाहिए।

बजरंगबली जी का कौन सा फोटो घर में लगाना चाहिए?

Hanuman जी का लाल रंग की मुद्रा में बैठा हुआ फोटो घर में लगाना चाहिए। उनका मुख हमेशा दक्षिण की ओर होना चाहिए। कहा जाता है कि हनुमान जी ने सर्वाधिक पराक्रम दक्षिण दिशा में ही दिखाया है। इसीलिए जीवन में सुख समृद्धि और उपासना के लिए हमेशा भगवान हनुमान की भक्ति भाव वाले मुद्रा के सामने बैठकर पूजा करनी चाहिए।

वास्तु के अनुसार किचन में कौन सा कलर होना चाहिए?

रंगों का भी अपना महत्व होता है। वास्तु (Vastu Tips Hindi) में रंगों को विशेष स्थान दिया गया है। जहां शयन कक्ष में गुलाबी, हल्का नीला तथा हल्का पीला रंग लगाना चाहिए वही रसोई में लाल या नारंगी रंग शुभ माना जाता है।

हॉल में कौन सा कलर होना चाहिए?

डायनिंग हॉल घर का सबसे खूबसूरत जगह होता है। सबसे पहले मेहमान यहीं आ कर बैठते हैं। यह घरवालों के साथ साथ मेहमानों को भी आकर्षक लगना चाहिए। वास्तु के अनुसार डाइनिंग हॉल में हल्का पीला अथवा सफेद रंग करवाना चाहिए। यह आरामदायक और शांत स्थान होता है। सफेद और पीला रंग शांति का प्रतीक है।

मंदिर में कौन सा कलर होना चाहिए?

मंदिर वह स्थान होता है जहां पर लोग पूजा करने के लिए जाते हैं। यहां हमें शांति मिलती है। इसके लिए रंग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मंदिर में हल्के रंगों का प्रयोग करना चाहिए जैसे हल्का नीला, हल्का पीला, हल्का गेरुआ, तथा सफेद रंग।

घर के मंदिर में कौन से कलर का बल्ब लगाना चाहिए?

Vastu Tips Hindi के अनुसार घर के मंदिर में पीले रंग का बल्ब लगाना चाहिए। कहां जाता है कि भगवान विष्णु को पीला रंग काफी प्रिय है। इसलिए पूजा के कमरे में शुभ फल प्राप्त करने के लिए पीले रोशनी में भगवान विष्णु की आराधना करने से सारी तकलीफ दूर हो जाती है।

मकान में कौन सा कलर शुभ होता है?

वास्तु विज्ञान में रंगों की व्याख्या घर के परिपेक्ष में अलग अलग तरीके से की गई है। अगर आप दरवाजे से अंदर आते हैं तो सामने जो सबसे पहला कमरा आता है उसमें सफेद, हल्का हरा या गुलाबी रंग होना चाहिए। यह शुभ फल भी देता है। बैठक कक्ष अथवा लिविंग रूम में हमेशा हल्का पीला हल्का भूरा और सफेद रंग करवा सकते हैं। घर के बाहर आप गहरे रंग का प्रयोग कर सकते हैं। जैसे लाल पीला हरा इत्यादि।

कुबेर जी की मूर्ति कहां रखें?

भगवान कुबेर उत्तर दिशा के स्वामी है। घर के मंदिर में भगवान कुबेर को उत्तर दिशा में रखें। इससे घर में धन दौलत के साथ यश में भी वृद्धि होगी। परिवार के सदस्यों को स्वस्थ अच्छी होंगी।

घर के मंदिर में क्या न रखें?

घर के मंदिर के आसपास अथवा ऊपर या नीचे शौचालय नहीं होना चाहिए। पहले मंदिर बाद में उसे रसोई घर बनाना भी वास्तु के अनुसार ठीक नहीं है। घर के मंदिर में किसी भी प्रकार का जूठन नहीं रखा जाना चाहिए। इससे भगवान नाराज हो जाते हैं। इसके बाद आपको परिणाम उल्टे मिलने लगेंगे।

दरवाजे पर कौन सा कलर करना चाहिए?

घर का दरवाजा आकर्षक होना चाहिए। अगर आपका दरवाजा पूर्व की ओर खुलता है तो उसमें नीला कलर के साथ सुनहरा कलर और चांदी की कलर का उपयोग करना चाहिए। अगर आपका दरवाजा उत्तर की ओर खुलता है तो उसमें हरा कलर होना चाहिए। अगर आपका दरवाजा दक्षिण अथवा पश्चिम की ओर खुलता है तो उसमें पीला कलर होना चाहिए। उत्तर पूर्व के लिए क्रीम और पीला कलर का होना चाहिए। उत्तर पश्चिम के लिए सफेद और क्रीम कलर का होना चाहिए।

घर के मुख्य द्वार में कौन सा पेड़ लगाना चाहिए?

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य द्वार अथवा आंगन में तुलसी का पौधा लगाना चाहिए। प्रतिदिन इस पौधे के नीचे दीपक जला कर रखने से घर में सुख शांति और धन-संपत्ति भरा पूरा रहता है। इसके अलावा सनी का पौधा लगाना चाहिए यह वैभव को बढ़ाता है।

घर के सामने कौन सा वृक्ष अच्छा होता है?

Vastu Tips Hindi के अनुसार घर के सामने नीम अथवा पीपल का वृक्ष सबसे अच्छा होता है। जहां नीम औषधीय गुणों की खान है वही पीपल हमें शुद्ध और ताजा ऑक्सीजन देती है।

घर में कौन से पौधे लगाएं?

घर के आंगन में तुलसी, गुलाब, गेंदा, मोगरे अथवा पुदीना लगाना चाहिए। वही घर के पश्चिम दिशा में बड़े पेड़ जैसे नीम नारियल अशोक शुभ फलदाई होता है।

इन छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर आप वास्तु दोष को दूर कर सकते हैं। आपको Vastu Tips in Hindi से जुड़ी इन जानकारियों से जरूर कुछ लाभ मिलेगा। अगर इससे जुड़ी कुछ प्रश्न हो तो हमें निसंकोच कमेंट बॉक्स में पूछें हम उनका उत्तर आपको जरूर देंगे।

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Author: Vicky
Vicky, इस ब्लॉग वेबसाइट का फाउंडर है। बचपन से ही इनकी रूचि लेखन क्षेत्र में रही है। इनका लक्ष्य हिंदी भाषी क्षेत्र के लोगों के लिए हिंदी में जानकारी उपलब्ध करवाना है, जिन्हें अंग्रेजी में समस्या होती है।

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